कुत्ता पर निबंध- Dog Essay in Hindi

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपके लिए Dog Essay in Hindi ( kutta par Nibandh ) शेयर कर रहे है, हमने 100 words, 200 words, 250 words, 300 words and 500 words ke essay लिखे है जो की class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 ke students | Vidyarthi ke liye upyogi hai.

In this article, we are providing information about Dog in Hindi. कुत्ते पर पूरी जानकारी जैसे की सामान्यपरिचय, आकार-प्रकार, प्राप्ति स्थान, स्वभाव, उपयोगिता अदि के बारे बताया गया है। 

कुत्ता पर निबंध | Dog Essay in Hindi Language

 

Dog essay in Hindi 10 lines ( 100 words )

1. कुत्ता एक स्वामिभक्त जानवर है।

2. कुत्ता एक चौपाया पालतू पशु है।

3. कुत्ता अपने मालिक के लिये अपने प्राण भी न्यौछावर कर सकता है।

4. कुत्तों की अनेक नस्लें होती हैं।

5. कुत्तों के शरीर की बनावट भी कई प्रकार की होती है।

6. कुत्ते के चार पैर, दो कान, दो आँखें और एक पूँछ होती है।

7. कुत्ता माँस, रोटी, दूध तथा अन्य भोजन जो मनुष्य खाता है।

8. कुत्ते की सूंघने की क्षमता भी अत्यंत तीव्र होती है।

9. कुत्ते की उम्र दस से पन्द्रह वर्ष होती है।

10. कुत्ते का उपयोग अनेक कामों में किया जाता है।

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Short Essay on Dog in Hindi ( 150 words )

कुत्ता एक पालतू पशु है। यह एक वफादार जानवर है। इसके चार पैर, दो आँखे, दो कान और एक नाक होती है। इसके एक पूँछ भी होती है। इसकी पूँछ टेढ़ी होती है।

कुत्ता काला, सफेद, भूरा और चितकबरे रंग का होता है। कुत्ता रोटी, मांस आदि खाता है।

कुत्ते की सूंघने की शक्ति बड़ी तीव्र होती है । यह हर वक्त चौकन्ना रहता है । अपने इन्हीं गुणों के बल पर यह अपने मालिक के घर की रखवाली करता है । अनजान आदमी को देखते ही भौंकने लगता है । पुलिस चोरों को ढूँढने में कुत्ते की मदद लेती है ।

कुत्ते के बच्चे को ‘पिल्ला’ कहते हैं। छोटे बच्चों को पिल्लों के साथ खेलना अच्छा लगता है।

कुत्ता अपने स्वामी की रक्षा अपने प्राण दे कर भी करता है। यह सबसे स्वामीभक्त पशु होता है।

 

Dog Essay in Hindi ( 250 words )

कुत्ता एक स्वामिभक्त जानवर है। इसे घरों में पालते हैं। कुछ लोगों को कुत्ते बहुत प्रिय होते हैं। वे हर समय अपने साथ ही रखते हैं। इस पालतू पशु ने सदा से ही मनुष्य की बहुत सहायता की है। बहुत से लोग कुत्तों के साथ खेलते हैं।

कुत्तों के शरीर की बनावट भी कई प्रकार की होती है। कुछ कुत्ते बहुत छोटे तो कोई बहुत बड़े होते हैं। कुछ कुत्ते मंझले कद के भी होते हैं। कुत्ते की चार टाँगें होती हैं। उसकी चारों टाँगों के नीचे नाखून होते हैं। अपने पंजों से वह जमीन खोद सकता है। कुत्ते की जीभ लम्बी होती है। उसमें से लार टपकती रहती है। कुत्ते की सूंघने की शक्ति तीव्र होती है।

कुत्ते आम तौर पर रखवाली के लिए पाले जाते हैं। वे किसी नए मनुष्य को देखकर भौंकते हैं। घरवालों को पता चल जाता है कि कोई अजनबी आया है। कुत्ते अजनबी पर झपटते भी हैं। खेतों में किसान कुत्तों को रखवाली के लिए रखते हैं।

कुछ कुत्ते शिकार के लिए पाले जाते हैं। वे शिकारियों के साथ जाकर जगल मे शिकार ढूंढते हैं। शिकार को घेर कर लाते हैं। अपने स्वामी की शिकार के समय हर प्रकार से सहायता करते हैं।

कुछ कुत्तों को पुलिस वाले शिक्षण देते हैं। वे स्थान को सूंघ कर चोर के घर तक पुलिस को पहुंचाते हैं। कुत्तों ने अब तक कई अपराधियों को पकड़वाने में सहायता की है।

ऊँची जाति के कुत्ते बहुत स्वामीभक्त, ईमानदार एवं चुस्त होते हैं। वे कभी भी खाने में मुँह नहीं डालते। उनको उचित ढंग से खाना नहीं दिया जाए तो खाते ही नहीं।

कुत्ते माँस, रोटी, दूध तथा अन्य भोजन जो मनुष्य खाता है उसे खाते हैं। कुत्ता मनुष्य का एक अच्छा साथी है।

 

कुत्ता पर निबंध 10 लाइन

Hindi dog essay

 

Long Essay on Dog in Hindi ( 700 words )

भूमिका

अन्य पालतू पशुओं की भाँति कुत्ता भी मनुष्य जीवन का एक अभिन्न और उपयोगी पशु है। आदि काल से ही कुत्ता मनुष्य का सहचर रहा है। यह सदा से प्रहरी (चौकीदार) की भूमिका अदा करता रहा है। वह दिन-रात अपने स्वामी की सुरक्षा में सतर्क रहता है।

आकार-प्रकार

कुत्ता एक चौपाया पालतू पशु है। हमारे देश का कुत्ता सामान्य रूप से ढाई-तीन हाथ लम्बा और डेढ़-दो हाथ ऊँचा होता है। कुत्ते के चार पैर, दो कान, दो आँखें और एक पूँछ होती है। इसके पैरों के नाखून बहुत नुकीले और तेज होते हैं। पैरों के नीचे तलुवे में मांस की गद्दी होती है। इसके कारण चलते हुए कोई आवाज नहीं होती है। इसके कान लम्बे होते हैं। किसी प्रकार की आहट होने पर इसके कान खड़े हो जाते हैं। कुत्ते का मुँह लम्बा होता है। इसके मुँह के भीतर बयालीस दाँत होते हैं। बाईस दाँत ऊपरी और बीस दाँत निचले जबड़ों में होते हैं। सामने के चार दाँत बहुत मजबूत और तेज होते हैं। इनकी सहायता से वह शिकार को बड़ी आसानी से चीड़ता–फाड़ता है। कुत्ते की जीभ बहुत पतली और लम्बी होती है, जिससे हमेशा लार टपकती रहती है। छोटी होने पर भी इसकी आँखें बहुत तेज होती हैं। इसका शरीर घने और कोमल रोयों से ढंका रहता है। कई जातियों के कुत्तों के शरीर लम्बे और घने बालों से ढंके रहते हैं। कुत्ते काले, सफेद, पीले, चितकबरे आदि कई रंगों के होते हैं।

प्राप्ति-स्थान

कुत्ते प्रायः संसार के सभी देशों में पाये जाते हैं। भारत, इंगलैंड, न्यूजीलैंड, फ्रांस, रूस, आस्ट्रेलिया, ग्रीनलैंड, बर्मा, अरब, अफ्रीका आदि देशों में कुत्ते पाये जाते हैं, किन्तु हर देश के कुत्ते का आकार-प्रकार, रूप-रंग और स्वभाव अलग-अलग होता है। कुत्तों की स्थान विशेष के अनुसार अनेक जातियाँ हैं, जैसेबुलडॉग, ग्रेहाउण्ड, स्पेनियल, डिंगो, लैपडॉग, बेलुक, टेरियर, वूयवशु, डिव आदि।

स्वभाव और खाद्य पदार्थ

कुत्ता समझदार और स्वामिभक्त जानवर है। इसमें सूंघने की अद्भुत शक्ति होता है। यह सूंघकर छिपी हुई चीजों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर लेता है। इसमें दोस्त और दुश्मन को पहचानने की अद्भुत शक्ति होती हैं। कुत्ते की नींद बहुत प्रसिद्ध है। यह जरा सी आहट पाते ही चौकन्ना हो जाता है। और अपरिचित आदमी को देखकर भौंकने लगता है। यह अपने स्वामी के लिए प्राण देने को भी तैयार रहता है। वह उसके पुचकारने और सहलाने पर शरीर पर लोटने लगता है। मारने वाले पर यह बहुत क्रोध करता है। उसपर वह कभी गुर्राता है और कभी काट भी लेता है। कुत्ते को गर्मी बहुत सताती है। वह जीभ निकालकर हाँफता है। कुत्ते-कुत्ते को देखकर भौंकते हैं और कभी-कभी आपस में लड़ पड़ते हैं। कुत्ते बैठने के पहले जमीन कुरेदते हैं और फिर वहाँ बैठते हैं। हर देश के कुत्ते का स्वभाव अलग-अलग होता है। कुछ देशों के कुत्ते आसानी से पालतू नहीं बनते हैं। कुत्तों का स्वभाव बहुत चंचल होता है। इस कारण वे कभी एक स्थान पर स्थिर होकर नहीं बैठते हैं बल्कि इधर-उधर भटकते रहते हैं। कुतिया तीन मास तक गर्भ धारण किए रहती है। वह एक साथ तीन-चार बच्चे जनती है। साधारणत: कुत्ते की उम्र दस से पन्द्रह वर्ष होती है। आल्हाखंड में लिखा है ‘बारह बरस तक कूकर जीवे, और तेरह बरस जिए सियार’। कुत्ता प्रायः भात, दूध, बिस्कुट तरकारी आदि भी खाता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि कुत्ता मांसाहारी और शाकाहारी दोनों है।

उपयोगिता

कुत्ता हमारे लिए बहुत ही काम का पशु है। इसकी सबसे बड़ी उपयोगिता वर की रखवाली करने की है। यह हमेशा चौकन्ना रहता है। जब भी कोई आता है वह बड़ी आसानी से आहट पहचान लेता है। आहट पाकर जोर-जोर से भौंकने लगता है और घर के मालिक को जगा देता है। दरअसल कुत्ता हमारा विश्वस्त पहरेदार है। वह अपने प्राण देकर स्वामी की रक्षा करता है। कुत्ते में सूंघने की शक्ति बहुत होती है। इसके कारण अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस कुत्ते का सहारा लेती है। इसके लिए पुलिस विभाग कुत्तों को प्रशिक्षित करता है। कुत्तों की एक शिकारी जाति होती है। ये छोटे-छोटे जानवरों का शिकार करते हैं। बर्फीले प्रदेशों के कुत्ते ‘स्लेज’ गाड़ियाँ खींचते हैं। युद्ध क्षेत्र में भी कुत्ते संदेशवाहक को रूप में काम करते हैं। सर्कस में कुत्ते अनेक मनोरंजक और आश्चर्यजनक काम करते हैं। इससे दर्शकों का मनोरंजन होता है। कुछ कुत्ते पागल होते हैं। अगर ये किसी को काट लेते हैं, तो दवा न कराने पर उसकी मृत्यु हो जाती है।

उपसंहार

कुत्ता एक बहुत ही स्वामिभक्त जानवर है। कुत्ते का उपयोग अनेक कामों में किया जाता है। यह हमारा घरेलू पशु है।

 

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