स्वतंत्रता दिवस | 15 अगस्त पर निबंध हिंदी में- Independence Day Essay in Hindi

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपके लिए Independence Day Essay in Hindi ( Swatantrata Diwas | 15 August par nibandh ) शेयर कर रहे है, हमने 100 words, 200 words, 250 words, 300 words, 500 words 800 words ke essay लिखे है जो की class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 ke students | Vidyarthi ke liye upyogi hai.

In this article, we are providing information about Independence in Hindi | 5 well written essay on Independence in Hindi Language. स्वतंत्रता दिवस पर पूरी जानकारी जैसे की पृष्ठभूमि, इतिहास, महत्व-विशेषता, राष्ट्रीय पर्व का दिन, महत्व, अदि के बारे बताया गया है। 

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में| Independence Day Essay in Hindi

Republic Day Essay in Hindi 10 Lines

1. स्वतंत्रता दिवस हमारा महान् राष्ट्रीय पर्व है।

2. सन् 1947 की पन्द्रह अगस्त को ही सर्वप्रथम हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी।

3. इस दिन लोग शहीदों के बलिदान को याद करते है।

4. स्वतंत्रता दिवस पर्व प्रति वर्ष पन्द्रह अगस्त को समस्त भारत में अति उत्साह और हर्ष के वातावरण में मनाया जाता है।

5. इस दिन प्रातः काल से ही हर नगर, ” हर कस्बे और गाँव में प्रभात फेरियों का आयोजन होता है।

6. इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली में विशेष आयोजन होता है।

7. विद्यालयों, सरकारी-गैरसरकारी भवनों कल-कारखानों, चौराहों, मैदानों आदि पर तिरंगे झंडे फहराए जाते हैं।

8. इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और भारतवासियों के नाम संदेश प्रसारित करते हैं।

9. पन्द्रह अगस्त भारत वर्ष के इतिहास का सबसे उज्जवल पवित्र और महत्वपूर्ण दिवस है।

10. यह दिवस हमें स्वतंत्रता की महिमा का संदेश देता है।

 

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Short Independence Day Essay in Hindi ( 150 words )

15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। पहले हमारा देश गुलाम था। हमारे देश पर अंग्रेजों का शासन था। अंग्रेजी सरकार भारत के लोगों पर अत्याचार करती थी।

भारतवासी अंग्रेजों के साथ लड़े। बहुत से लोगों ने इस लड़ाई में अपने प्राणों का बलिदान किया। अन्त में 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। तब से इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रुप में मनाते हैं। पर इस दिन पाठशालाओं में खुशी का माहौल रहता है। सबसे पहले झण्डा फहराया जाता है। राष्ट्रगान गाया जाता है। इसके बाद बच्चे अनेक मनोरंजक कार्यक्रम करते हैं। बच्चों में मिठाईयाँ बाँटी जाती हैं।

राजधानी दिल्ली में देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर झण्डा फहराते हैं । वे देश की जनता के सामने भाषण देते हैं।

15 अगस्त को पूरा देश खुशी के साथ मनाता है । इस दिन हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में बलिदान दिया ।

 

स्वतंत्रता दिवस |15 अगस्त पर निबंध | 15 August Essay in Hindi ( 300 to 350 words )

स्वाधीनता की इच्छा प्राणिमात्र में रहती है। एक पक्षी भी बन्दी जीवन की अपेक्षा स्वतंत्र जीवन पसन्द करता है, तो मनुष्य का तो कहना ही क्या ? दुर्भाग्य से कुछ शताब्दियों पूर्व भारतीयों को पराधीन होना पड़ा। किन्तु ‘पराधीन सपनेहुं सुख नाहीं’ के अनुसार देश स्वाधीनता के लिए छटपटाने लगा। देशभक्त बुद्धिमानों ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष आरम्भ किया।

देश को स्वाधीन देखने की इच्छा से अनेक वीर हँसते-हँसते फाँसी के तख्ते पर चढ़ गए; अनेकों ने छाती पर अंग्रेजों की गोलियों को सहन किया और हजारों लोग—स्त्री और पुरुष, बालक, युवक और वृद्ध—कारावास के कष्टों को झेलते रहे। अनेक ज्ञात-अज्ञात वीरों ने इस स्वतंत्रता यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दी। तक जाकर हमें स्वतंत्रता के पुण्य प्रभात के दर्शन हुए।

स्वतंत्रता दिवस हमारा महान् राष्ट्रीय पर्व है। यह पर्व प्रति वर्ष पन्द्रह अगस्त को समस्त भारत में अति उत्साह और हर्ष के वातावरण में मनाया जाता है। यही वह पवित्र दिवस है, जब शताब्दियों की पराधीनता के अनन्तर भारत स्वाधीन हुआ था। सन् 1947 की पन्द्रह अगस्त को ही सर्वप्रथम हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी।

स्वतंत्रता दिवस का यह उत्सव यद्यपि भारत के नगर-नगर ग्राम-ग्राम में आनन्द और उमंग से मनाया जाता है, पर भारत की राजधानी दिल्ली में इस उत्सव की विशेष चहल-पहल होती है। इस उत्सव का प्रमुख स्थल होता है- लाल किले का मैदान इस मैदान में दिल्ली की जनता उत्सव देखने के लिए उमड़ पड़ती है। इस अवसर पर देश के प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय ध्वज लहराते हैं, इकत्तीस तोपों से ध्वज को प्रणाम किया जाता है, और तद् पश्चात् जल, स्थल तथा वायु सेनाओं की टुकडियाँ ध्वज को प्रणाम करती हैं। तदनन्तर प्रधानमन्त्री देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस को सन्देश देते हैं। इसके पश्चात् राष्ट्र गान होता है। राष्ट्रगान के अनन्तर यह कार्यक्रम समाप्त हो जाता है। रात्रि में सरकारी भवनों पर प्रकाश भी किया जाता है।

वास्तव में यह भारत के गौरव और सौभाग्य का पर्व है, जो हमारे हृदयों में नवीन आशा, नवीन स्फूर्ति, उत्साह और देश भक्ति का संचार करता है। यह उत्सव हमें स्मरण कराता है कि स्वाधीनता को पाना जितना कठिन है, उसे सुरक्षित रखना उससे भी अधिक कठिन है। अतः सभी भारतवासियों को सब प्रकार के भेद-भाव भुलाकर राष्ट्र की उन्नति के लिए तत्पर रहना चाहिए।

 

Swatantrata Diwas Essay in Hindi

Hindi Independence day essay lines

 

Long Essay on Independence Day in Hindi with headings ( 800 words )

भूमिका

बालधर गंगाधर तिलक ने कहा था- “स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। इस मंत्र का अनुकरण करके भारतीयों ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष बलिदान और त्याग किया। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश शताब्दियों की गुलामी के बाद आजाद हुआ। इसलिए भारतीयों के लिए पन्द्रह अगस्त का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। हिन्दू, मुसलमान, ईसाई, बौद्ध, जैन, सिक्ख सभी धर्मावलम्बी साथ मिलजुल कर इस पर्व को उल्लास और उमंग के साथ मनाते हैं। यह दिवस भारतीयों के त्याग, बलिदान, शौर्य का पवित्र दिन है। यह भारतीय इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है।

पृष्ठभूमि

मुगल शासन के अन्तिम दौर में भारत में अनेक यूरोपीय जातियाँ व्यापार करने के लिए आई। कालान्तर में वे भारत पर शासन करने की चेष्टा में लग गई। काफी संघर्ष के बाद अन्ततः अंग्रेजों ने भारत पर अधिकार कर लिया। कुछ समय बाद भारतीयों में स्वतंत्रता की चेतना जागृत हुई। परिणाम स्वरूप सन् 1857 में भारत में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम छिड़ा। दुर्भाग्यवश यह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम असफल रहा, किन्तु भारतीय जनता में स्वतंत्रता की चेतना बढ़ती गई। सन् 1885 में राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई प्रारम्भ हुई। लम्बे दौर तक यह लड़ाई चलती रही। स्वतंत्रता के लिए अनेक लोगों ने अपना बलिदान दिया, जेल यात्राएँ कीं। क्रांतिकारी और अहिंसक दोनों प्रकार के स्वतंत्रता आन्दोलन होते रहे। महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सत्य, अहिंसा और त्याग का सहारा लेकर स्वतंत्रता संग्राम छिड़ा। जिसके फलस्वरूप 15 अगस्त सन् 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और लाल किले पर राष्ट्रीय झंडा फहराया गया।

महत्व

15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। यह एक ऐतिहासिक दिन है। इसी दिन भारत शताब्दियों की गुलामी से आजाद हुआ। भारत माँ के पैरों में पड़ी बेड़ियाँ टूटकर बिखर गई। विदेशी शासन का अन्त हुआ। भारत ने स्वतंत्रता के वातावरण में साँस ली। शताब्दियों से चले आने वाले शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न का अंत हुआ। इस स्वतंत्रता के लिए अनेक वीरों ने अपने प्राण न्योछावर किए। अनेक राष्ट्रभक्तों ने न जाने कितनी यातनाएँ सहीं। इस दिन हम शहीदों और देश भक्तों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं जिनके बलिदान और त्याग से हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई। इस पवित्र दिन को हम शपथ लेते हैं कि हम इस स्वतंत्रता की रक्षा प्राण पण से करेंगे। हम किसी भी मूल्य पर स्वतंत्रता को हाथ से जाने नहीं देंगे। स्वतंत्रता से अधिक मूल्यवान हमारे जीवन में और कोई वस्तु नहीं है। हर कीमत पर इसकी रक्षा करना हर भारतीय का पावन कर्त्तव्य है। स्वतंत्रता दिवस हमारी सबसे अमूल्य धरोहर है।

त्यौहार का दिन

जिस दिन हमारा देश स्वतंत्र हुआ उस दिन से हम प्रतिवर्ष 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं। इस दिन प्रातः काल से ही हर नगर, ” हर कस्बे और गाँव में प्रभात फेरियों का आयोजन होता है। बच्चे, जवान, बूढ़े, स्त्री-पुरुष सभी अपने हाथों में राष्ट्रीय पताका लेकर स्वतंत्रता के गीत गाते हैं। सारे वातावरण में ‘वन्देमातरम् और जनगण मन अधिनायक’ की ध्वनियाँ गूंजने लगती हैं। विद्यालयों, सरकारी-गैरसरकारी भवनों कल-कारखानों, चौराहों, मैदानों आदि पर तिरंगे झंडे फहराए जाते हैं। जगह-जगह उत्सव मनाए जाते हैं। तरह-तरह के राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। शहीदों को श्रद्धांजलियाँ अर्पित की जाती हैं। चारों ओर उल्लास और उमंग का वातावरण दिखाई पड़ता है। इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली में विशेष आयोजन होता है। इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और भारतवासियों के नाम संदेश प्रसारित करते हैं।

उपसंहार

पन्द्रह अगस्त भारत वर्ष के इतिहास का सबसे उज्जवल पवित्र और महत्वपूर्ण दिवस है। इस दिवस की स्मृति युगों-युगों तक भारतीयों में त्याग, तप, बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। यह दिवस हमें स्वतंत्रता की महिमा का संदेश देता है। स्वतंत्रता के बाद हमारा देश नवनिर्माण के पथ पर अग्रसर हो रहा है। आज वह अनेक वों में उन्नति कर रहा है। हमारी स्वतंत्रता तभी पूरी होगी जब हम आर्थिक रूप से सम्पन्न होंगे। इस दिशा में हमें प्राणपण से चेष्टा करनी चाहिए।

 

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