जन्माष्टमी पर निबंध- Essay on Janmashtami in Hindi

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जन्माष्टमी पर निबंध- Essay on Janmashtami in Hindi

भारत एक पर्वों का देश है जहाँ पर सभी त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी एक धार्मिक त्योहार है जिसे हिंदु धर्म के लोगोम द्वारा मनाया जाता है। यह भारत, नेपाल और अन्य भारतीय प्रवासी देशों में मनाया जाता है। कृष्ण जी ने मथुरा में कंस का वध करने के लिए इस दिन मनुष्य अवतार लिया था इस वजह से इस दिन को कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन श्री कृष्ण की पूजा की जाती है।

इस दिन सभी पुरूष और स्त्री व्रत रखते है और रात को चाँद निकलने का इंतजार करते है। इस दिन चाँद भी देरी से निकलता है लगभग 12 बजे के बाद। मथुरा में यह त्योहार ज्यादा धुमधाम से मनाया जाता है। दुर दुर से लोग श्री कृष्ण की मनमोहक छवि देखने को आते है। मंदिरो को बहुत ही खुबसूरती से सजाया जाता है। रात के 12 बजे तक भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है। कृष्ण जी की झाँकी निकाली जाती है। पूरा वातावरण भक्ति के रस में डूबा होता है। लोग बाजारों से लड्डू गोपाल और उनके कपड़े और श्रंगार का सामान खरीद कर लाते हैं। इस दिन छोटे बच्चे बाल कृष्ण का अवतार लेते है और बहुत ही प्यारे लगते है।

जन्माष्टमी पर घर पर विभिन्न प्रकार के मिष्ठान बनाए जाते हैं। मंदिरों में भी प्रसाद के रूप में तुलसी और दनिए का प्रसाद बनाया जाता है। श्री कृष्ण के पसंदीदा मक्खन मिश्री के प्रसाद का भोग लगाया जाता है और प्रसाद के रूप में भी बाँटा जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का विशेष महत्व है। बच्चे और बड़े अलग अलग संगठन बनाकर दही हांडी को फोड़ते है।

स्कूलों में भी दही हांडी का आयोजन किया जाता है। वो रासलीला भी करते है और श्री कृष्ण की नटखट हरकतों को याद करते हैं। इस दिन व्रत करने से श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। लोग घरों पर पालने में श्री कृष्ण जी को बैठाते हैं। हमें इस धार्मिक त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाना चाहिए । लोग इस दिन पूजा पाठ में लीन रहते है और चाँद को देखकर ही भोजन ग्रहण करते हैं। वृन्दावन और मथुरा में इस पर्व पर विदेशों से भी लोग आते हैं और जन्माष्टमी का उत्सव देखते हैं।

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