रामनाथ कोविंद पर निबंध- Essay on Ram Nath Kovind in Hindi

In this article, we are providing information about President of India in Hindi- Short Essay on Ram Nath Kovind in Hindi Language. भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पर निबंध

रामनाथ कोविंद पर निबंध- Essay on Ram Nath Kovind in Hindi

रामनाथ कोविंद भारत के वर्तमान राष्ट्रपति है और इनका जन्म 1 अक्तुबर, 1945 को कानपुर के एक छोटे से गाँव में दलित परिवार में हुआ था। यह अपने तीनों भाईयों में सबसे छोटे है। इनकी उमर महज पाँच साल की थी जब उनकी माता का निधन हुआ था और उनका घास का घर भी जल गया था। उनकी पत्नी का नाम सविता है और उनका एक बेटा और बेटी भी है। रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति है और दुसरे दलित राष्ट्रपति।

रामनाथ कोविंद एक किसान के परिवार से थे और वो अपनी प्राथमिक शिक्षा के लिए गाँव से आठ किलोमीटर दुर पैदल चलकर जाते थे क्योंकि उनके गाँव में कोई भी साईकिल नहीं थी। कोविंद ने कानपुर विशविद्यालय से वाणिज्य और वकालत की पढ़ाई पूरी की और एक वकील के रूप में अपने करियर की शुरूआत की। उन्होनें सिविल सेवा की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी पर ज्वाईन नहीं की क्योंकि इन्हे आईएएस की बजाय संबंध में नौकरी मिल रही थी।1977 में वो दिल्ली में केंद्रीय वकील के पद पर नियुक्त रहे और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में स्थाई वकील और ओन रिकॉर्ड वकील के पद पर रहे। उन्होनें अपने जीवन के 16 साल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत को दिए है। वो भाजपा के नेता रह चुके है। रामनाथ कोविंद ने 1994 में उत्तर प्रदेश से पहली बार चुनाव लड़ा और वो राज्यसभा के सदस्य चुने गए। वो लगातार दो बार राज्यसभा के सदस्य चुने गए। उन्होनें हमेशा अनुसूचित जाति जनजाति के लिए कार्य किया है। जब एक बार अनुसुचित जाति के कुछ अधिकार छीने गए थे तब रामनाथ कोविंद ने बढ़ चढ़ कर आंदोलन में भाग लिया था। उन्होंने अपनी कानपुर की पुस्तैनी जमीन भी सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी है। रामनाथ कोविंद अनुसुचित जाति जनजाति कल्याण, गृह मामले, पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आदि विषयों पर संसदीय समीति के सदस्य भी रह चुके है। वर्ष 2002 में संयुक्त राष्ट्र में भारत के नेतृत्व करते हुए उन्होनें न्युयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया।

1991 में उन्होनें भाजपा को ज्वाईन किया। 1991 से 2002 तक उन्होनें भाजपा दलित मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2015 में वो बिहार के गवर्नर के पद पर नियुक्त हुए और उन्होंने समाज के लिए बहुत से कार्य किए। उन्होनें सबसे पहले शिक्षा प्रणाली में आवश्यक बदलाव किए और शिक्षा के लिए सरकार से मिलने वाले फण्ड का दुरुपयोग न हो इसका भी ध्यान रखा। संसद के सदस्य रहते हुए रामनाथ कोविंद ने नेपाल,पाकिस्तान,थायलैंड,न्यूयॉर्क आदि देशों में यात्रा की। भाजपा में वह लंबे समय तक प्रवक्ता के पद पर भी नियुक्त थे।2017 में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने रामनाथ कोविंद को एन.डी.ए. की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। 20 जुलाई, 2017 को वो राष्ट्रपति के रूप में चुने गए और बिहार के गवर्नर के पद से इसतिफा दिया। रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई, 2017 को राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करी।

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