पेंसिल पर निबंध- Essay on Pencil in Hindi Language

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पेंसिल पर निबंध- Essay on Pencil in Hindi Language

पेंसिल लिखने या कला के लिए प्रयोग किया जाने वाला औजार है जिसकी लिखाई समय के साथ साथ धुँधली पड़ती जाती है। प्राचीन काल में पेंसिल का प्रयोग केवल चित्र बनाने के लिए ही किया जाता था। पेंसिल का आविष्कार इंग्लैंड में ग्रेफाईट की खोज के बाद से ही किया जा रहा है। पेंसिल के अंदर काला सिक्का ग्रेफाईट और चिकनी मिट्टी का ही बना होता है और इसे लकड़ी के बीच में रखकर लकड़ी को गोंद से चिपका दिया जाता है।

आधुनिक समय में बाजार में विभिन्न प्रकार की पेंसिल पाई जाती है। ग्रेफाईट की ग्रेड के अनुसार भी 2H से लेकर 10H और 2B से लेकर 10 B तक की पेंसिले होती है जिसमें H का अर्थ हार्ड और B का अभिप्राय ब्लैक से है। बाजार में विभिन्न रंगों की लिखाई की पेंसिल भी मौजूद है। इंजीनियरों के लिए विशेष प्रकार की पेंसिल मौजूद है जिसकी लिखाई सालों तक मिटती नहीं है। शल्य चिकित्सकों के द्वारा भी रोगी के शरीर पर ऑपरेशन के लिए एक विशेष प्रकार की पेंसिल द्वारा निशान लगाया जाता है। 18 सेमी की पेंसिल से लगभग 50000 शब्द लिखे जा सकते हैं। पेंसिल कलाकार की जान होती है और इनसे बनी कलाकृतियाँ बहुत ही मनमोहक होती है। आजकल शीशे, पत्थर, फर्श आदि पर लिखने के लिए भी अलग तरह की पेंसिल मौजूद है।

बच्चों को बचपन में सबसे पहले पेंसिल से ही लिखना सिखाया जाता है और इससे जिस भी चीज पर लिखा जाता है यह उसपर अपनी छाप छोड़ जाती है। पेंसिल सभी के लिए बहुत ही उपयोगी है।

# Short Paragraph on Pencil in Hindi

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