संयुक्त परिवार पर निबंध- Essay on Joint Family in Hindi

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संयुक्त परिवार पर निबंध- Essay on Joint Family in Hindi

भूमिका- परिवार हर व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व रखता है। भारत में प्राचीन काल से ही लोग संयुक्त परिवारों में रहते आए हैं। संयुक्त परिवार एक अविभाजित परिवार होता है जिसमें एक ही घर में एक से ज्यादा पीढ़ी साथ मिल जुलकर रहती है। संयुक्त परिवार के अंतर्गत दादा, दादी, माता- पिता, चाचा- चाची और उनके बच्चे एक साथ रहते हैं। संयुक्त परिवार में 8 या 8 से ज्यादा सदस्य होते हैं।

संयुक्त परिवार के लाभ- संयुक्त परिवार में रहने वाले व्यक्ति को कभी भी अकेलापन महसूस नहीं होता है और उसमें हमेशा एकता की भावना रहती है।

संयुक्त परिवार के बहुत से लाभ है ( Advantages of Joint Family in Hindi )

1. बच्चों को बड़ो और छोटो का प्यार और सहयोग मिलता है।
2. परिवार के सभी लोग घर खर्च चलाने में सहायता करता है जिससे जिम्मेदारी का भोझ किसी एक के कंधो पर नहीं पड़ता है।
3. किसी अकेले व्यक्ति को मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ता है। सभी लोग एक दुसरी की मुश्किल का हल निकालते हैं।
4. संयुक्त परिवारों में त्योहारों का आनंद दोगुना हो जाता है।
5. संयुक्त परिवार से एक पीढ़ी से दुसरी पीढ़ी में अच्छा समायोजन होता है और वो एक दुसरे का सहयोग करते हैं।

संयुक्त परिवार की हानियाँ ( Disadvantages of Joint Family in Hindi ) जहाँ संयुक्त परिवार में रहने के बहुत से लाभ है वहीं बहुत सी हानियाँ भी है-

1. संयुक्त परिवार में एक मुखिया होता है जो सभी निर्णय लेता है जिस कारण सभी लोगो की समान भागीदारी नहीं हो पाती है।
2. किसी सदस्य की आय होने पर वह कम आय वाले व्यक्ति को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।
3. संयुक्त परिवार में कोई भी व्यक्ति परिवार की पूर्ण रूप से जिम्मेदारी लेने को नहीं सोचता है।
4. पति पत्नी के बीच झगड़े से पूरे परिवार में अशांति का माहोल बन जाता है।
5. संयुक्त परिवार में आपसी मन मुटाव अधिक होते हैं।

निष्कर्ष- संयुक्त परिवार बच्चों के विकास के लिए एक अनुकुल वातावरण उपलब्ध कराता है। यहाँ पर बच्चों को मार्गदर्शक और सहभागी दोनों ही मिलते हैं। कुछ लोगों की नकारात्मक सोच और हीन भावना के कारण संयुक्त परिवार का अनुशासन भंग हो जाता है। यदि सभी व्यक्ति समान रूप से घर में भागीदारी दिखाए और किसी के प्रति हीन भावना न रखे तो संयुक्त परिवार उतम परिवार होता है। संयुक्त परिवार में व्यक्ति को कभी भी कुंठा और अकेलापन जैसी बिमारी नहीं होती है। संयुक्त परिवार व्यक्ति को बेहतर बनने में सहायता करता है।

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