रामेश्वरम् मंदिर का इतिहास- Rameshwaram Temple History in Hindi

In this article, we are providing information about Rameshwaram Temple in Hindi- Rameshwaram Temple History in Hindi Language. हिस्ट्री ऑफ रामेश्वरम् टेम्पल | रामेश्वरम् मंदिर का इतिहास और तथ्य

रामेश्वरम् मंदिर का इतिहास- Rameshwaram Temple History in Hindi

रामेश्वरम तीर्थ तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है और चैन्नई से सवा चार सौ मील दक्षिण पूर्व में है। यह हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ धामों में से एक है और इसमें स्थापित शिवलिंग शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंगो में से एक है। इसका महत्व काशी जितना ही है।

Rameshwaram Temple History in Hindi

श्रीलंका के राजा पराक्रम बाहु ने 1173 में मुल लिंग वाले गर्भगृह को बनवाया था जिसमें केवल शिवलिंग को स्थापित किया गया था जिसके कारण उसे नि: संगेश्वर का मंदिर कहा गया था। बाद में 1450 में मंदिर को निर्माण कार्य राजा उडैयान सेतुपति और निकटस्थ नागुर वैश्य ने करवाया था। उन्होंने गोपुरम बनवाया था जिसका जीणोर्दार बाद में एक देवी भक्त ने करवाया था। तिरूमलय सेतुपति ने दक्षिण परकोटे की दीवार को सोलहवीं शताब्दी में बनवाया था। राजा उडैयन सेतुपति कटट्तेश्वर ने नंदी मंडप को बनवाया था।

दलवाय सेतुपति ने पूर्व में गोपूरम का काम सत्रवहीं शताब्दी में शुरू करवाया था। अठारवहीं शताब्दी में देवी देवताओं के शयन गृह और मंडप रविविजय सेतुपति ने बनवाए थे। बाद में बाहरी परकोटे का निर्माण मुतु रामलिंग सेतुपति ने करवाया था। देवकोट्टई के एक परिवार ने 1897-1904 के बीच में नौ द्वार के साथ पूर्वीगोपुरम बनवाया और 1907-1925 में गर्भगृह की मरम्मत करवाई। 1947 में उसी परिवार ने कुम्भाभिषेक भी करवाया था।

रामेश्वरम् मंदिर की वस्तु कला | Architecture Information about Rameshwaram Temple in Hindi

रामेश्वरम तीर्थ भारतीय निर्माण कला की एक अद्भुत मिसाल है। यह चारों तरफ से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी सो घिरा हुआ है। मंदिर का प्रवेश द्वार 40 मीटर ऊँचा है। मंदिर के अंद प्राकार में सैकड़ो खंभे है जो देखने में एक जैसे लगते है पर उन सभी पर अलग अलग तरह के बेल भूटे बने हुए है।

रामनाथ की मूर्ति के चारों तरफ परिक्रमा करने के लिए तीन प्राकार बने हुए है जिसमें से तीसरी प्राकार की लंबाई चार सौ फुट से अधिक है। तीसरे प्राकार का गलियारा दुनिया का सबसे लंबा गलियारा है जो कि उतर दक्षिण में 197 मीटर और पूर्व पश्चिम में 133 मीटर लंबा है। इसके परकोटी की चौड़ाई 6 मीटर और ऊँचाई 9 मीटर है। दोनों तरफ पाँच फीट ऊँचा और आठ फीट चौड़ा चबूतरा है। यह पूरा मंदिर 6 हेक्टेयर में बना हुआ है। मंदिर के भीतर एक काला चिकना पत्थर है। मंदिर में बना नंदी मंडप 22 फीट लंबा 12 फीट चौड़ा और 17 फीट ऊँचा है।

रामेश्वरम मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य | Rameshwaram Temple Information and Facts in Hindi 

1. रावण से युद्ध से पहले राम ने शिवलिंग की स्थापना कर उसकी पूजा की थी और उसी स्थान पर आज रामेश्वरम है।

2. रामेश्वरम में 24 मीठे पानी के कुएँ है। कहा जाता है कि श्री राम ने वानर सेना की प्यास बुझाने के लिए बाण से किया था।

3. शिवपुराण में भी रामेश्वरम का जिक्र है और रामेश्वरम के नजदीक ही राम और विभीषण की भेंट हुई थी।

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