Paryayvachi Shabd in Hindi- पर्यायवाची शब्द

Paryayvachi Shabd in Hindi- पर्यायवाची शब्द ( Synonyms in Hindi )

ऐसे शब्द जिनके अर्थ एक-से अथवा मिलते-जुलते हो; जैसे- अंग-भाग, उपाय, देह, अवयव । पर्यायवाची शब्दों  के विषय में लोगों की धारणा है कि उनके अर्थ एक जैसे होते हैं, किन्तु यह सत्य पूर्ण सत्य नहीं है। क्योंकि एक समान दिखाई देने वाले शब्दों के अर्थ में थोड़ा बहुत अंतर अवश्य होता है। अतः हर पर्यायवाची शब्द ( Paryayvachi Shabd )का अपना स्वतंत्र अर्थ होता है।

जहाँ समानार्थक शब्दों से विद्यार्थी के ज्ञान में वृद्धि होती है वहाँ उसका व्यक्तिगत शब्द-कोश भी समृद्ध होता है। हिंदी पर्यायवाची शब्द संस्कृत, उर्दू, देशी या स्थानीय बोलियों और अंग्रेज़ी से भी लिए जाते हैं। Paryayvachi Shabd के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण निम्नलिखित हैं-

-पर्यायवाची शब्दकोश ( Hindi Synonyms List )

अमृत-पीयूष, सुधा, अमिय, सोम।

अरण्य-वन, जंगल, कानन, विपिन, अटवी।

अंक- गोद, संख्या, चिह्न, अध्याय।

अंग-भाग, उपाय, देह, अवयव |

अंधकार-अंधेरा, तम, तिमिर, तिमिस्त्र।

अभिमान-घमंड, अहंकार, गर्व, दर्प।

अनुचर-दास, सेवक, भृत्य, नौकर, परिचारक।

अज-शिव, दशरथ के पिता, कामदेव, ब्रहा।

अजित-अजेय, अदम्य, अपराजिता, दुर्दात ।

अग्नि-आग, पावक, अनल, वहि, कृशानु।

अतिथि-अभ्यागत, पाहुन, आगंतुक ।

अधम-नीच, पतित, निकृष्ट।

अन्य- अपर, दूसरा, पृथकू, भिन्न।

अपमान-तिरस्कार, अनादर, अवमान, बेइज्जती।

अपवाद-कलंक, निन्दा, नियम से बाहर।

अर्थ-हेतु, धन, कारण, प्रयोजन।

अंवर- आकाश, कपड़ा।

अंबुज-कमल, नीरज, जलज, पंकज।

अलि–पंक्ति, सखी।

अधर- होंठ, धरती, आसमान के बीच का भाग।

अनार- दाड़िम, शुकप्रिय, रामबीज।

अनी- सेना, दल, कटक, नोक, चमू ।

अनुपम- अपूर्व, अनोखा, अनूठा, अद्भुत ।

अंतर-आकाश, अवधि, मध्य, अवकाश।

अंध-नेत्रहीन, सूरदास, अंधा।

अन्न-अनाज, शस्य, धान्य।

असंगत-अनर्गल, अनुपयुक्त, असंबद्ध।

असुर-राक्षस, दानव, निशाचर, रजनीचर।

आकाश-नभ, गगन, व्योम, यौ, अंबर, शून्य।

आनंद-हर्ष, मोद, प्रसन्नता, उल्लास, आह्लाद ।

आभूषण-अलंकार, गहना, आभरण, मंडन।

आम-आग्न, सहकार, रसाल।

आज्ञा- आदेश, हुक्म।

आँख–नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, दृक्, अनि ।

इच्छा-अभिलाषा, चाह, लालसा, कामना, आकांक्षा ।

इंद्र-देवराज, शक्र, सुरपति, मधवा।

ईश्वर-प्रभु, परमात्मा, ईश, अनंत, भगवान्, जगदीश्वर।

उपवन-उद्यान, आराम वाटिका, फुलवारी।

कर-हाथ, हस्त, किरण, प्राणी।

किरण-कर, रश्मि, अंशु, मयूख, मरीचि ।

कामदेव-अनंग, कंदर्प, मनोज, मनसिज, मदन, मन्मथ ।

कारागार-जेल, बंदीगृह, कैदखाना।

किनारा-तट, कूल, तीर, कगार।

कान-श्रवण, कर्ण, क्षोत्र।

कुबेर-धनेश, घनद, धनाधिप ।

कृष्ण-केशव, माधव, गोपाल, गिरिधर, वासुदेव।

कोप-क्रोध, रोष, गुस्सा, अमर्ष ।

कमल-पंकज, नीरज, सरसिज, सरोज, पद्म, इंदीवर ।

कृषक-किसान, खेतीहर, हलवाहा, कृषिजीवी ।

कल्पवृक्ष-कल्पतरु, कल्पद्रुम, सुरतरु।

केश-कच, कुंतल, अलक, बाल ।

कृपा-दया, अनुकम्पा, अनुग्रह।

कोयल–पिक, कोकिल, श्यामा।

कोमल-मृदु, सुकुमार, नरम, मसूण, नाजुक ।

खड्ग- असि, तलवार, कृपाण, चंद्रहास, करवाल।

खर-गधा, बगुला, कौआ, तिनका, तीक्षण, खुट्टा।

खल–दृष्ट, धूर्त, शठ, दुर्जन, कुटिल।

गंगा–मंदाकिनी, जाह्नवी, देवनदी, सुरसरिता, भागीरथी ।

गणेश–एकदंत, गजबदन, गजानन, गणपति, गौरी पुत्र ।

गदहा/गधा-खर, गदर्भ, वैशाख नन्दन, लम्ब कर्ण।

गृह-घर, आगार, आयतन, आवास, ओक, धाम, गेह।

गाय- गो, धेनु, सुरभि ।

घट-घड़ा, कुम्भ, कलश, कुट, निप।

घन-बादल, हथौड़ा, भारी, घना ।

घर-मकान, आवास, कुल, बैठने का स्थान, कार्यालय।

घी-घृत, आज्य, सर्पि, हव्य।

घोड़ा-सैंधव, तुरंग, अश्व, घोटक, हय।

चाँद-शशि, चंद्रमा, सुधाकर, विध, सोम, शंशाक, इंदु, रजुनीश, निशिपति, हिमांशु ।

चाँदनी–ज्योत्स्ना, चंद्रिका, कौमुदी।

छाता-छत्र, आतपत्र, छतरी।

जगत्-संसार, संसृति, जग, लोक, भव, दुनिया।

जल-पानी, पानीय, वारि, प्य, उदक, नीर, सलिल, अंबु।

झूठ-असत्य, मिथ्या, मुधा, मृथा।

ठठोली-हास, परिहाल, हँसी, मज़ाक।

तलवार असि, खड़ग, कृपाण, करवाल, चंद्रहास।

तारा-उडु, नक्षत्र, तारक।
तालाब सर, तड़ाग, सरोवर, ताल, जलाशय, पुष्कर, हद।

तीर-शर, इषु, वाण, शिलीमुख, नाराच, विशिख।

दाँत- दांत, रद, दशन।

दास–किकर, अत्य, अनुचर, सेवक, परिचारक, नोकर।

दिन-दिवस, अहः, वासर, वार ।

दीन-गरीब, निर्धन, बेचारा, हीन।

दुःख–कष्ट, वेदना, क्लेश, व्यथा, विषाद, संताप।

दुर्गा-चंडी चामुंडा, चर्मगुंडा चण्डिका, भवानी, शाम्भवी।

देवता-देव, सर, निर्जर, त्रिदश, विबुध, अमर।

देह-शरीर, काय, वपु, तनु, तन, घट, काया।

दूध-दुग्ध, पर्य, क्षीर।

धन- संपत्ति, संपदा, संपत, वित्त, अर्थ, दौलत।

धनुष-बाप, शरासन, कार्मुक, कोदंड।

नौका- तरणी, तरी, जलयान, नाव, जलपाळ।

पुत्र- आत्मज, बेटा, सुत, पूत, नंदन, लड़का, तनयप।

पुत्री-तनया, तनुजा, दुहिता, लड़की, आत्मजा, सुता, बेटी, नंदिनी ।

पत्ता- किसलय, पल्लव, पर्ण, पत्र।

पर्वत-नग, अचल, गिरि, धराधर, अदि, पहाड़, शैल, भूधर।

पक्षी-शकुन्त, अंडज, शकुनि, खग, विहग, विहंगम, पखेरू, खेचर, द्विज।

पति- स्वामी, नाश, भर्ता, कांत, वर, वल्लभ।

पत्नी- वधू, भार्या, दारा, वल्लभा, गृहिणी, अर्धागिनी, बहू, तिय।

पर्वत-भूधर, शैल, अचल, गिरि, महाधर, नग, पहाड़।

पंडित-सुधी, कोविद्, विद्वान्, दुध, मनीषी।

पत्थर –प्रस्तर, पाषाण, अश्म, पाहन, उपल।

पवन-वा, वात, मारुत, अनिल, जगत्प्राण, प्रभंजन।

पार्वती- उमा, गौरी, शिव, भवानी, रूद्राणी, गिरिजा, शैलसुता, सर्वमंगला।

पृथ्वी-धरा, भू, भूमि, अचला, धरती, धरणी, वसुधा, अवनि, मेदिनी, क्षिति, धरित्री, जगती ।

प्रकाश-प्रभा, ज्योति, चमक, छवि, विभा, आभा, आलोक, धुति।

पुष्प-फूल, प्रसून, कुसुम, पुहुप, सुमन ।

परोक्ष-अदृश्य, अप्रत्यक्ष, अगोचर।

वाण-तरी, सर, विशिख, शिलीमुख, नाराच, ईषु ।

सिंह-पंचमुख, वनराज, केसरी, मृगराज, मृगेन्द्र, शेर, शार्दूल।

स्त्री- जारी, वनिता, अवलो, ललना, कान्ता, अंगना, रमणी, कागिनी ।

स्वर्ग-देवलोक, परलोक, नाक, दिव, वैकुण्ठ।

सिर- शीश, मुण्ड, शीर्ष।

सर्व-सव, सकल ।

सुंदर-चारु, मनोहर, मणीक, ललित, कलित, मंजुल ।

भौरा- मधुकर, अलि, भ्रमर, मधुप, मिलिंद, द्विरेफ, षट्पद।

मछली-मीन, झख, अष, मकर, मत्स्य ।

मदिरा- मधु, हाला, सुरा, शराब, मद्य, वारुणी।

महादेव- शिव, हर, पशुपाते, शंकर, चन्द्रशेखर, कैलाशनाथ, गिरिजापति, गिरीश, भूतेश, वामदेव।

माता-जननी, अंबा, विका, प्रतदिनी ।

मित्र- सुद, दोस्त, स्नेही, हित्।

मोर- केकी, शिखी, नीलकण्ठ, मयूर।

मृत्यु-मौत, निधन, देहावसान, काल, देहान्त, मरण।

मोक्ष- मुक्ति, निर्वाण, अपवर्ग, परमपद, केवल्य।

युद्ध- रण, संग्राम, लड़ाई, तमर।।

रात्रि- यामिनी, विभावरी, निशि, रात, रजनी, निशा ।

राक्षस-दनुज, निशाचर देय, दानव, अलुर । ‘

राजा- नरेश भूपाल, नरेन्द्र, महीपाल, नृप, नृपति।

लहू- रक्त,खून, शोणित, रुधिर।

वायु- अनिल, वात, हवा, पवन, समीर, समीरण।

वृक्ष- रुख, विटप,, पादप, तरु, पेड़।

शत्रु-अर, रिप, दुश्मन, आराति ।

सेना- अनि, दल, चयू, कटक, फ़ौज।

सोना-हेम, हिरण्य, कंचन, स्वर्ण ।

सूरज- भानु, भास्कर, रवि, दिवाकर, दिनश।

समुद्र- सागर, सिंधु, रत्नाकर, जलवि, पारावार ।

सवेरा-सूर्योदय, अरुणोदय, प्रातः, उषा, भोर।

साँप-नाग, फणि, व्याल, सर्प, अहि, भुजंग।

संसार-विश्व, जगत्, जग, दुनिया, भव।

सुगन्धि–सौरभ, महक, खुशबू ।

हाथी-दंती, द्विरद, मतंग, हस्ती, गज, करी।

हनुमान-कपीश्वर, अंजनीनंदन, महावीर, बजरंगबली।

हाथ-हस्त, कर, पाणि।

हिरण-कुरंग, सारंग, मृग।

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