खजुराहो मंदिर का इतिहास और तथ्य- Khajuraho Temple History in Hindi

In this article, we are providing information about Khajuraho Temple in Hindi- Khajuraho Temple History in Hindi Language. हिस्ट्री ऑफ खजुराहो टेम्पल | खजुराहो मंदिर का इतिहास और तथ्य

खजुराहो मंदिर का इतिहास और तथ्य- Khajuraho Temple History in Hindi

Where is khajuraho temple खजुराहो भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छत्तरपुर जिले में एक छोटा सा कस्बा है जिसे पहले खजुरपूरा और खजुर वाहिका के नाम से भी जाना जाता था। खजुराहो में मंदिरो का एक बड़ा समूह है जो कि हिंदु और जैन धर्म से जुड़े हुए हैं जो कि बहुत प्रसिद्ध है और उन्हें देखने बहुत से पर्यटक जातो हैं।

Khajuraho Temple History in Hindi

Khajuraho mandir ka itihas खजुराहो मंदिरो का निर्माण चंदेल राजाओं ने सन 900 से 1130 में करवाया था। इनकी राजधानी तालाबों और मंदिरों से परिपूर्ण थी। इस जगह को चौदवी शताब्दी में बुंदेलखंड के नाम से जाना जाता था। दंसवी सदी के शुरू से चंदेल राजाओं का पतन शुरू हो गया था। 13वीं शताब्दी में दिल्ली सल्तनत ने आक्रमण कर चंदेल राजाओं को हरा दिया और कुतुब-उद- दिन ऐबक ने खजुराहों स्मारकों में बदलाव करवाए। मुगल शास्कों के नियंत्रण में यह मंदिर 13-18 शताब्दी तक रहें जिस दौरान उनमें से बहुत से मंदिरों को नष्ट भी किया गया लेकिन हिंदु और जैन धर्म के लोगों ने उन्हें नष्ट होने से बचा लिया था। छतरपुर के स्थानीय राजा ने 1843-1847 में इनकी मरम्मत करवाई। 1852 में जनरल अलेकिजेंडर कलिंघम ने इन मंदिरों का वर्णन भारतीय पूरात्तव सर्वेक्षण रिपोर्ट में किया था। इस समय खजुराहो के मंदिर भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के निरीक्षण में हैं।

खजुराहो मंदिर की वस्तु कला | Architecture Information about Khajuraho Temple

खजुराहों के मंदिर की कला बहुत ही आकर्षित करती है। इन्हें पूरी दुनिया में मिलने वाले पतिथरों से बनाया गया है। यहाँ पर संभोग की कलाओं को भी बड़ी ही खुबसुरती से दिखाया गया है। आज के समय में यहाँ के 30 मंदिर ग्यात है जिनमें से 8 जैन मंदिर जो कि 62 फीच लंबे और 31 फीट चौड़ा है और इनकी बाहरी दीवारों पर तीन पंक्तियों में जैन मूर्तियाँ बनी हुई है। इसके गर्भगृह के पीछे एक और मंदिर जुड़ा हुआ है।

खजुराहो में बुद्ध की मूर्ति मिली है जिससे पता चलता है कि यहाँ कुछ हद तक बौद्ध धर्म का भी प्रचलन था। इसके दक्षिण में चतुर्भूज और दुल्हादेव मंदिर है। पश्चिम में लक्ष्मण, महादेव, पार्वती और गणेश मंदिर हैं। यहाँ पर नंदी मंडप भी है। यहाँ मंदिर बिना किसी प्रकोटे के एक ऊँचे चबूतरे पर बने हैं।

मंदिर के प्रवेशद्वार को सूर्य की छोटी मुर्तियों से सजाया जाता है और बाहर की दिवारों पर देवी देवताओं की मूर्तियाँ, स्त्रियों की मूर्तियाँ और कामसूत्र और संभोग की मूर्तियाँ हैं। यहाँ की मूर्तियाँ सजीव सी है मानो अभी चलेगी, बोलेंगी और हँसेगी। यहाँ की कामसूत्र की मूर्तियाँ को देखकर किसी की भी आँखे नहीं झुकती है।

Khajuraho Temple Information and Facts in Hindi | खजुराहो मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य

1. खजुराहो के मंदिर कलाकृतियों और भव्य छतों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ धार्मिक मूर्तियों के साथ साथ परिवार, अप्सरा और सुंदरियाँ भी है।

2. मंदिर के अंदर सभी कमरे एक दुसरे से जुड़े हुए है और इस तरह से बने हुए है कि कमरे की खिड़की से रोशनी पूरे मंदिर में फैलती है।

3. दुर से देखने पर खजुरहो के मंदिर ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे चंदन की लकड़ी से बने हो जबकि यह सैंड स्टोन से बने हुए हैं।

4. मंदिर की सभी मुर्तियों में चमक चमड़े से की गई रगड़ाई की वजह से है।

5. खजुराहो मंदिर को जटिल कुंडलीदार रचना के आकार में बनाया गया है जो कि अपनी कलाकृतियों के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है।

6. खजुराहों के मंदिर भी वर्लड हेरिटेज साईट के रूप में घोषित किए गए हैं।

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