बेटी बचाओ निबंध -Save Girl Child Essay in Hindi

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बेटी बचाओ निबंध -Save Girl Child Essay in Hindi

भूमिका-

जब हम एक लड़की को मारते हैं तो हम सिर्फ उसे ही नही मारते बल्कि उसे जुड़े सभी रिश्तों को भी खत्म कर देते हैं। अगर अगली पीढ़ी चाहते हो तो बेटियों को बचाना आवश्यक है। हर रोज कन्या भरूण हत्या की बढ़ रही संख्या और लगातार लिंगनुपात में हो रही गिरावट को ध्यान में रखते हुए बेटियों को बचाना आवश्यक है। 2001 में 927 लड़कियां 1000 लड़कों पर थी जबकि 2014 तक यह अनुपात 918 लड़कियां 1000 लड़को पर रह गया था। बेटियों को बचाने के लिए सरकार द्वारा बेटी बचाओ की मूहीम भी शुरू की गई है।

कन्या भरूण हत्या के कारण-  बेटियों को गर्भ में ही मारने के बहुत से कारण है जिसके कारण वो इस जहाँ को देखने से वंचित रह जाती है।
1. मानसिकता-  लोगों की मानसिकता इस हद तक सीमट चुकी थी कि वो मानने लगे कि लड़कियां सिर्फ अगले घर जाने के लिए ही होती है। वंश को आगे बढ़ाने के लिए तो लड़का ही जरूरी है। इसी संकुचित मानसिकता के कारण भी बहुत से लोग लड़कियों को जन्म से पहले ही मार देते है।
2. दहेज- कुछ लोग लड़की के बड़े होने पर उसकी शादी में होने वाले खर्च और दहेज से डर जाते है क्योंकि वो जानते है कि इस महंगाई के दौर मे वो दहेज देने में समर्थ नही हो सकेंगे। अधिकतर गरीब लोग इसी कारण कन्या भरूण हत्या जैसा पाप करते हैं।
3. शारिरीक शोषण- रोज बलत्कार की खबरों से रंगे हुए अखबारों को देखकर लोग मजबूर हो जाते यह सोचने के लिए कि उनके घर लड़की पैदा ही न हों। इस वजह से भी कन्या भरूण हत्या बढ़ रही है।

बेटियों को बचाने के उपाय– नारी हर घर की नींभ होती है। अगर नारी नहीं होगी तो कोई भी घर , घर नहीं रहेगा। अगर बेटों के लिए बहुएँ चाहते हो तो बेटियों को बचाओ। उन्हें बहुत से तरीकों से बचाया जा सकता है-
1. सरकार द्वारा गर्भ में बच्चे की जाँच पर रोक लगाई है और जाँच की जानकारी पुलिस को देने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा इनाम भी दिया जाता है।
2. सरकार द्वारा दहेज लेना और देना दोनों पर ही रोक लगाई गई है।
3. अगर अमीर लोग मिलकर गरीब लड़कियां की शादी करे तो कोई भी गरीब लड़कियां नहीं मारेगा।
4. सरकार ने लड़कियों के लिए जन धन योजना जैसी कई स़कीमें चलाई हैं।

निष्कर्ष- घर का आंगन बिना बेटी के अधुरा है। हमारे समाज को लड़के और लड़की दोनों की ही जरूरत है। ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है। अगर लड़कियां नहीं होगी तो समाज सही से कार्य नहीं कर सकेगा। लड़की जननी भी होती है अगर वो नहीं तो बच्चे भी नही होंगे और आने वाली पीढ़ी भी नहीं होगी। इसलिए हम सबको मिलकर लड़कियों को बचाना होगा ।

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