Essay on Computer in Hindi- कंप्यूटर पर निबंध

इस लेख / निबंध में आप कंप्यूटर के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त करेंगे और कंप्यूटर का महत्व समझ पाएंगे। Here we provide an essay on Computer in Hindi- you will get valuable information about computer Hindi.

Essay on Computer in Hindi- कंप्यूटर पर निबंध

भूमिका-मनुष्य के जीवन में विज्ञान का प्रवेश और योगदान इस सीमा तक बढ़ गया है कि आज मानव जीवन और इतिहास की विज्ञान के बिना कल्पना ही नहीं की जा सकती है। विगत दो दशकों में हुई वैज्ञानिक प्रगति ने अनेक नए आयाम जोड़े हैं। आज भविष्य की संभावनाओं के प्रति अधिक सतर्क होकर वैज्ञानिक अनेक नवीन आविष्कारों की ओर उन्मुख हुआ है। तीव्रगति से भागते हुए जीवन और उपकरणओं की गति का नियंत्रण विज्ञान से ही संभव है। आंकड़ों के इकट्ठे होते हुए ढेर की संभाल अब कागज के पन्नों पर संभव नहीं। उठते और गिरते ग्राफ तथा अनेक क्षेत्र के लेखाजोखा का आंकलन अब कम्प्यूटर के द्वारा ही संभव हो सकता है। मानव मस्तिष्क का सहायक कम्प्यूटर अब नई दिशाओं की ओर बढ़ रहा है।

इतिहास (History of computer in Hindi)– सभ्यता के शुरू से ही मानव गणना की समस्या को दूर करने के लिए काफी संघर्ष करता रहा है। शुरू में 400 बी. सी. में मानव गणना के लिए अपनी उगंलियों का प्रयोग करता था। जापान और चीन के व्यापारियों ने ‘एबकस’ का प्रयोग गणना के लिए किया। 1645 ई. में मि. नेपियल ने एक गणना यन्त्र की खोज की जिसे यांत्रिक गणक के नाम से जाना जाता है। 1840 ई. में चाल्र्स बैबेज ने विश्लेषणात्मक इंजन का निर्माण रॉयल सोसाइटी की प्रार्थना पर गणना के लिए किया। चाल्र्स बैबेज को आधुनिक कम्प्यूटर का जनक माना जाता है और लेडी ऐडा को कम्प्यूटर की जननी माना जाता है। मि. हर्मन हॉलरथ ने एक मशीन का निर्माण किया जिसे पंच कार्ड मशीन या पंच कार्ड रीडर या हॉलरथ कार्ड के नाम से भी जाना जाता है। 1900 ई. में मि. हॉलरथ ने अपने कार्य का व्यवसायीकरण किया और टेबुलेटिंग मशीन कम्पनी (टी. एम. सी.) को स्थापित किया। 1924 ई में मि. बॉटसन इस कम्पनी के अध्यक्ष बने और उन्होंने इस कम्पनी को नया नाम दिया जो कि इंटरनैशनल बिजनैस मशीन (आई. बी. एम.) के नाम से जाना जाता है।

कम्प्यूटर तकनीक में पिछले चार दशकों से काफी उन्नति हुई है। 1944 ई. में प्रोफैसर एकिन्स और उनकी टीम ने हारवर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका में पहले कम्प्यूटर का आविष्कार किया जिसे मार्क-1 के नाम से जाना जाता है। आज विश्व कम्प्यूटर क्रांति के प्रवेश द्वार पर खड़ा है और आने वाले दशकों में कम्प्यूटर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। आज ऐसा कोई भी स्थान नहीं है जहां कम्प्यूटर सहायक न हो।

कम्प्यूटर की विभिन्न भाषाएं– आधुनिक कम्प्यूटर में विभिन्न भाषाएं हैं। इनमें बेसिक, कबोल, फोरट्रॉन, एलगोल पास्कल, डी-बेस, आदि प्रमुख हैं। कम्यूटर सीखने के लिए सबसे पहले बेसिक भाषा का उपयोग किया जाता है। बेसिक कम्प्यूटर की सबसे आसान और सरल भाषा है। उद्योगों में बेसिक भाषा का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसलिए उद्योगों में कबोल भाषा का प्रयोग किया जाता है। वैज्ञानिकों और गणितज्ञों के लिए फोरट्रॉन का उपयोग होता है। कम्प्यूटर की अलग-अलग भाषाओं में किसी भी प्रश्न का समाधान अलग-अलग तरीके से होता है। सभी तरीके भाषा के अनुसार ही होते हैं।

अब वैज्ञानिक महान् वैयाकरण याणिनी की अष्टाध्यायी के सूत्रों के आधार पर नई कम्प्यूटर भाषा का निर्माण कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पाणिनी के सूत्र वैज्ञानिक नियमों पर रचे गए है अत: इन से विकसित कम्प्यूटर भाषा अत्यधिक सटीक होगी।

बेसिक भाषा समझने में सरल है और इसमें प्रोग्राम कम्प्यूटर पर बनाते हुए इसकी गलतियां निकल जाती हैं। इस भाषा का उपयोग माइक्रो और मिन्नी कम्प्यूटर में बहुत अधिक होता है। कबोल भाषा अंग्रेज़ी की तरह होती है जो कि पढ़ने और समझने में काफी आसान होती है। यह भाषा व्यापार के लेखा-जोखा के तथ्यों से सम्बन्धित होती है। फोरट्रान भाषा का उपयोग गणित में अधिक होता है। यह भाषा काफी कम्प्यूटरों पर उपलब्ध है और अन्य भाषाओं की सापेक्षिक समझने में आसान है।

कम्प्यूटर में पांच अंग होते हैं– इनपुट डिवाइस या आन्तरिक यंत्र, मैमोरी यूनिट या स्मरण यन्त्र, कन्ट्रोल यूनिट या नियंत्रण यन्त्र, अंकगणित इकाई तथा आउटपुट डिवाइस या बाह्य यात्र।

सूचनाओं को एकत्र करने के लिए पहले संकेत भरे जाते हैं और फिर सूचनाओं को कम्प्यूटर भाषा में परिवर्तित कर इन्हें बिट्स में बदल देते हैं। इसके परिणाम कम्प्यूटर टर्मिनल पर छपकर बाहर आ जाते हैं।

कम्प्यूटर के सम्बन्ध में आशंकाएं– कम्प्यूटर के सम्बन्ध में लोगों में काफी आशंकाएं पाई जाती हैं। सबसे पहली आशंका यह है कि कम्प्यूटर गल्तियां करता है अर्थात् प्रोग्रामिंग में गल्तियां होती हैं। लोग समझते हैं कि कम्प्यूटर सीखने के लिए गणित समझना बहुत आवश्यक है। कई लोगों का यह विचार है कि कम्प्यूटर बेरोजगारी का मूल है। जो काम दस व्यक्ति करते हैं वही काम एक कम्प्यूटर बड़ी आसानी से कर सकता है।

उपरोक्त आशंकाएं जो कम्प्यूटर के सम्बन्ध में पाई जाती है वे लगभग सभी निर्मूल है। लोगों के विचार में कम्प्यूटर गल्तियां करता है परन्तु ऐसा नहीं है। जो व्यक्ति कम्प्यूटर पर प्रोग्राम लिखता है वही गलियां करता है न कि कम्प्यूटर। कम्प्यूटर सीखने के लिए गणित को समझना भी कोई आवश्यक नहीं है। कई लोगों का विचार है कम्प्यूटर बेरोजगारी फैलाता है पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए की उसके साथ ही यह कई लोगो को रोज़गार भी देता है।

कम्प्यूटर के उपयोग (Uses of computer in hindi)– आधुनिक कम्प्यूटर से मानव को काफी लाभ है। आज ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां पर कम्प्यूटर का प्रयोग न किया जाता हो। प्रतिदिन हमें कम्प्यूटर के नए-नए उपयोग प्राप्त हो रहे हैं। कम्प्यूटर आज मनुष्य को कृषि, उद्योग धन्धे, वैज्ञानिक खोज, मशीन निर्माण, अन्तरिक्ष अनुसंधान, यातायात नियन्त्रण तथा चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में पूर्व योगवान दे रहा है। अब तो वह साल बानक कथा क्षेता में भी सहावाक से रह्य हो।

व्यापार और उद्योग धन्धों में कम्प्यूटर बहुत ही आवश्यक हो गया है। अस्तपाल, पैट्रोल पम्प, बैंक, रेलवे स्टेशन, कार्यालयों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में, आज कम्प्यूटर कार्य करता हुआ नज़र आता है।” भीड़-भरे रेलवे स्टेशनों में आज आरक्षण कार्यालय वातानुकूलित बन रहे हैं तथा कम्प्यूटर के सामने बैठे क्लर्क आरक्षण की टिकटों पर लिखते हुए नज़र आते हैं। बड़े-बड़े व्यवसायों में कम्प्यूटर फाइलों के ढेर को तथा महत्वपूर्ण आंकड़ों को सुरक्षित रखते हैं तथा उनसे व्यापारी अपनी व्यापार नीति को नियन्त्रित करते हैं। आरम्भ में जो काम केवल मनुष्य द्वारा होने ही सम्भव थे आज वे स्वचलित कम्प्यूटरों के द्वारा हो रहे हैं।

चिकित्सा के क्षेत्र में आज कम्प्यूटर के द्वारा बीमारियों का सही पता लगाया जा सकता है। मनुष्य के शरीर के अंग-प्रत्यंगों को कम्प्यूटर के परदे पर देखा जा सकता है और सरलता से कैसर जैसी भयानक बीमारियों का पता भी लगाया जा सकता है। शरीर के किसी भी अंग में होने वाली अनियमितता का पता बताने के बाद कम्प्यूटर फिर बीमारी की पहचान करने में भी अपने परीक्षणों के द्वारा सहायक सिद्ध होता है। अनेक आनुवांशिक बीमारियों का पता भी लग जाता है। गुण सूत्र और जीन को समझने में कम्प्यूटर सहायता करता है।

अन्तरिक्ष अभियान में पिछले कई वर्षों से निरन्तर सफलताएं मनुष्य ने प्राप्त की हैं। ऐसा अब असम्भव नहीं लगता है कि मनुष्य दूसरे ग्रहों और उपग्रहों में भी अपना आवास बना लेगा और यह कम्प्यूटर की सहायता के बिना सम्भव नहीं था। दूर-संचार के साधनों में सेटेलाइट्स प्रमख रूप से उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इससे आज हज़ारों मील दूर स्थित दूसरे देशों में होने वाले प्रोग्राम आसानी से हर देशों में प्रसारित किए जाते हैं और इनमें भी कम्प्यूटर ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

मौसम की जानकारी के लिए सेटेलाइट्स द्वारा भेजे गए चित्र बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि इससे मौसम सम्बन्धी खतरों के बारे में पूर्व जानकारी मिलने से आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

उपसंहार-आधुनिक युग में कम्प्यूटर और रोबट निश्चय ही क्रांतिकारी सिद्ध होंगे। इनसे मानव इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। रोबट सभी प्रकार के काम करने में समर्थ हो रहा है और कम्प्यूटर उसकी सहायता के लिए तैयार है। कम्प्यूटर और रॉबट दोनों संवेदन शून्य है, मस्तिष्क शून्य है, वे केवल यन्त्र मात्र है। अत: आवश्यक है कि इन्हें संवेदनाओं और भावनाओं से नियन्त्रित किया जाए। इनका दुरुपयोग भी तो उतना ही विनाशक हो सकता है जितना लाभकारी इनका उपयोग होता है|

हिंदी में कंप्यूटर पर निबंध- Long essay on computer in Hindi.

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